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Showing posts from August, 2021

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं

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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं          ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,जय श्री कृष्ण,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,         श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अगले दिन श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।  श्रीकृष्ण का अवतार मानव सभ्यता को एक नई दिशा देने के लिए हुआ। श्री कृष्ण ने पृथ्वी पर धर्म की स्थापना के साथ अलौकिक प्रेम की भावना की स्थापना की। श्री कृष्ण ने निस्वार्थ भाव और समर्पण के भाव को ही प्रेम के रूप मे परिभाषित किया है।                ,,,,,,,श्री कृष्ण का प्रेम,,,,,,, प्रेम संसार का सबसे पवित्र सम्बन्ध हैं  इसमें नही कोई बंधन हैं   इसमे केवल समर्पण हैं  प्रेम गोपीयो को सताना, उनका माखन चुराना, बचपन के नटखट हर शरारत मे हैं  सुदामा की दोस्ती मे सखा भाव प्रेम है  मीरा की भक्ति में दासी भाव प्रेम है  राधा और गोपीयो  का वियोग प्रेम है  कौरवों और कंश का संहार जीवन उद्देश्य प्रेम है  मोह से मुक्त, मोक्ष का पथ, गीता का...

भारतीय संस्कृति

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं  ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,जय श्रीकृष्ण,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, भारतीय सनातन संस्कृति मे भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री विष्णु जी ने कृष्ण अवतार के रूप में पृथ्वी पर धर्म की स्थापना के लिए अवतरित हुए।  यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥ भगवान श्रीकृष्ण का जन्म पृथ्वी पर धर्म की स्थापना के साथ साथ प्रेम की स्थापना और महिला की सुरक्षा  के लिए भी अविस्मरणीय है।  भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा मिलती है कि  - प्रेम अलौकिक और निस्वार्थ होता है।  - धर्म की स्थापना के लिए नारी की रक्षा करना अनिवार्य होता है।  - अधर्मी का साथ कभी नहीं देना चाहिए, चाहे वो कितना भी अपना हो। - मानव को अपना कर्म करते रहना चाहिए, कर्म फल की प्राप्ति अवश्य ही होती हैं।  - मानव जीवन नश्वर है पंचतत्व से निर्मित शरीर अन्त में पंचतत्व  में विलीन  होता है।  ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, जय श्री कृष्ण...

भारतीय संस्कृति ,,,संस्कृत दिवस विशेष,,,,

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संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं  संस्कृत विश्व की सबसे प्राचीन भाषा मानी जाती है  इसे देव भाषा भी कहा जाता है  विश्व के सबसे प्राचीन ग्रंथों वेद ,पुराण ,उपनिषदों  की रचना संस्कृत में ही हुई।  श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है संस्कृत दिवस ,,,,,     विश्व संस्कृत दिवस श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है इस दिन रक्षाबंधन का त्यौहार भी मनाया जाता है  सभी भारतीय भाषाओं की जननी है संस्कृत,,, संस्कारों का आधार है संस्कृत,,, स ंस्कृत को सभी भाषाओं की जननी माना जाता है  सभी भाषाओं की उत्पत्ति संस्कृत से मानी जाती है  संस्कृत संस्कारों का आधार है संस्कारों के संरक्षण का कार्य करती है  सभ्यता और संस्कृति  की धरोहर हैं संस्कृत,,, एतिहासिक साहित्य का आधार है संस्कृत,, भारतीय सनातन संस्कृति का उदगम वैदिक काल से ही माना जाता है  वैदिक काल से ही साहित्य का सृजन आरंभ हो गया था।  सबसे प्राचीन साहित्य वैदिक साहित्य है जिसकी रचना संस्कृत में ही हुई।  वैदिक काल से ही...

भारतीय संस्कृति,,,रक्षा बंधन विशेष,,,

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रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं,,, भ ाई बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन त्यौहार श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है  इस दिन बहन अपने भाई के रक्षा सूत्र बाँध कर दीर्घायु होने की कामना करती हैं। भाई बहन की सुरक्षा का वचन लेता है  नारी सुरक्षा और सम्मान का संकल्प दिवस  ,,, रक्षाबंधन का पर्व मातृशक्ती की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करने के संकल्प का दिवस है बहन द्वारा भाई के रक्षा सूत्र बाँधने पर बहन की सुरक्षा का दायित्व भाई का होता है।  श्रावणी कर्म  का दिवस,,, श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को श्रावणी कर्म का दिवस भी है इस दिन विप्र अपना जनेऊ बदलते हैं। जल के किनारे  पूजा-अर्चना की जाती है  शिक्षा आरंभ का दिवस,,, प्राचीन काल में गुरु कुल में शिक्षा का आरंभ कार्तिक पूर्णिमा के दिन से होता था। इसलिए इसे शिक्षा के आरंभ का दिवस भी माना जाता है।  ✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒ ✍सनत कुमार शर्मा ✍

भारत रत्न श्री राजीव गांधी जयन्ती विशेष,,,,

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भारत में संचार क्रांति के जनक को नमन,,,, आधुनिक भारत में संचार क्रांति के जनक भारत रत्न श्री राजीव गांधी का  जन्म 20अगस्त 1944 को हुआ था। देश आज उनकी जयन्ती मना रहा है।  भारत के  सबसे  युवा प्रधानमंत्री  राजीव गांधी  देश की संचार क्रांति के जनक के रूप मे जाने जाते हैं।    श्री राजीव गांधी ने इक्कीसवीं सदी के भारत की कल्पना कर देश में संचार क्रांति की शुरुआत की जिसका परिणाम आज डिजिटल भारत के रूप में है  श्री राजीव गांधी ने अपने छोटे से जीवन काल में देश को संचार क्रांति के माध्यम से विकसित करने की शुरुआत की थी। 🖋🖋🖋🖋🖋🖋🖋🖋🖋🖋🖋🖋🖋🖋🖋 ✍सनत शर्मा ✍

स्वतंत्रता दिवस विशेष

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स्वतंत्रता दिवस विशेष,,, प्रकृति ने तो सभी को आत्मनिर्भर  और स्वतंत्रता के साथ जीवन दिया,,, गुलामी तो मानवीय मूल्यों के पतन के कारण हुई,, शासन तो अनुशासन बनाएँ रखने के लिए आवश्यक है  लोकतंत्र हो या राजतंत्र  श्रेष्ठता निर्भर करती है हैं प्रशासन की कुशलता पर,,,, इसलिए तो आज भी हम राम-राज्य की चर्चा करते हैं,,, प्रकृति ने तो सभी प्राणियों को  आत्मनिर्भर और स्वतंत्रता के साथ जीवन दिया हैं  सभी के पोषण के लिए पर्याप्त संसाधनों का निर्माण किया। परन्तु मानव ने अपने बौद्धीक विकास के कारण उन्नति की है सामाजिक सुरक्षा और अनुशासन के लिए प्रशासन व्यवस्था को आरंभ किया।  इस प्रशासनीक व्यवस्था में कुछ शासको के मानवीय मूल्यों के पतन के कारण उनकी आकांक्षा और चेष्टाए बढने के कारण गुलामी ,संघर्ष और हिंसा का जन्म हुआ।  शासको के मानवीय मूल्यों के पतन के कारण ही मानव समुदाय को अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करना पड़ता है । आधुनिक समाज में प्रशासन की मुख्यतः दो व्यवस्था प्रचलित है  लोकतंत्र और राजतंत्र।  प्रशासन की सफलता शासक के मानवीय मूल्यों पर निर्भर...

स्वतंत्रता दिवस विशेष

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स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं  देश मना रहा है आजादी की 75वीं वर्षगांठ,,,, आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र देश है  अंग्रेजी साम्राज्य की 200 वर्षो की गुलामी के बाद 15अगस्त 1947 को भारत में लोकतंत्र की स्थापना हुई। इस आजादी को हासिल करने के लिए देश ने बहुत कुर्बानीया दी तब हमें यह आजादी मिली।   आजादी के बाद का सफर भी आसान नहीं रहा। आजादी के समय देश की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। देश में गरीबी, बेरोजगारी थी औद्योगिक विकास नहीं था देश का विभाजन हो जाने से हिंसा और साम्प्रदायिकता चरम पर थी। ऐसी विषम परिस्थितियों में भी धैर्य और साहस से हम प्रगति के पथ पर अग्रसर हुए और आज हम आधुनिक तकनीक के दौर में विकसित देशों की बराबरी पर आ गये ।आज भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है  आजादी के बाद इन 75 वर्षों में  हमने बहुत विकास किया है कृषि प्रधान देश में किसानो ने हरित क्रांति से देश को आत्मनिर्भर बनाया है।  औद्योगिक विकास हुआ। तकनीकी में भी विकास किया।  देश की सैन्य शक्ति को मजबूत किया। अन्तरिक्ष में भी विकास किया।...

स्वतंत्रता दिवस विशेष

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जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी,,,, 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 भारतीय सेना को समर्पित,,,, 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 तुम्हारे साहस को सलाम,  तुम्हारे शौर्य को सलाम,  तुम से ही तो सुरक्षित हैं  हिन्दूस्तान,  तुम पर गर्वित हैं  हिन्दूस्तान।  तुमने पाकिस्तान को सबक सिखाया,  तुमने चीन को औकात बताया,  तुम्हारे शौर्य से स्वतंत्रत हुआ बांगलादेश  वो भी करता तुम को सलाम।  बाढ,भूकम्प या आए कोई आपदा,  तब तुम ही करते हो सबकी देश की सहायता  बर्फीले पहाड़ हो या तपता रेगिस्तान,  तुम से ही तो सुरक्षित हैं हिन्दूस्तान, जन,धन,भूमि के रखवाले  तुम्हारे शौर्य को सलाम,  तुम्हारे साहस को सलाम।  🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🇮🇳 जय हिन्द की सेना  🇮🇳 ✍सनत कुमार शर्मा ✍

स्वतंत्रता दिवस विशेष

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भारतीय सास्कृतिक मूल्यों एवं आदर्शो का प्रतीक अशोक चक्र किसी भी समाज का आइना होती हैं  उसकी संस्कृति  विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की संस्कृति अपनें आदर्शों एवं नैतिक मूल्यों के कारण अलग ही पहचान रखती हैं  भारतीय संस्कृति मानवीय मूल्यों से परिपूर्ण है एक आदर्श मानव कि विशेषता को दर्शाती है  यह मूल्य धार्मिक आचरण एवं प्रकृति संरक्षण के लिए आवश्यक है जिस पर चल कर मानव सभ्यता विकास करती हैं।  सभी धर्मों में मानव जाति कि उन्नति के लिए इन आदर्श मूल्यों को अपनाया है। इनमें से प्रमुख आदर्श इस प्रकार है जो मानव सभ्यता के प्रगति के प्रतीक हैं  स्नेह, धैर्य, आशा, परोपकार, सत्य, दया, संयम, विनम्रता, कृपा, करूणा,ममता,  न्याय, सहानुभूति, संवेदना, साहस, नैतिकता, धर्म का आचरण, विवेक, अहिंसा, अभिवादन, आत्म चिंतन, तप,त्याग और प्रकृति संरक्षण।  ✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒ ✍सनत शर्मा ✍

भारतीय संस्कृति

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नाग पंचमी की शुभकामनाएं ,,,,, कालसर्प दोष निवारण के लिए उत्तम दिन है  श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है  भगवान भोलेनाथ के गले की माला होता है नाग। इसलिए नाग को भोलेनाथ के प्रतीक के रूप में माना जाता है  हिन्दू संस्कृति मे नाग की पूजा-अर्चना की जाती है।  नाग पंचमी को विशेष रूप से नाग का पूजन किया जाता है  कालसर्प दोष निवारण के लिए उत्तम दिन है  किसी भी जातक की जन्म कुंडली में जब राहू और केतु के मध्य में  सभी ग्रह  उपस्थित  होने पर कालसर्प  दोष माना जाता है  माना जाता है कि इस दोष के निवारण के लिए  जातक को विशेष  पूजा-अर्चना  करानी होती हैं।  त्रिवेणी संगम या किसी बहते हुए जल के  किनारे जहाँ शिव लिङ्ग स्थित होता है  वही इस दोष के निवारण के लिए उत्तम स्थान माना जाता है  इस दोष के निवारण के लिए जातक को ऐसे स्थान पर  जाकर  अपनें  पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिण्डदान किया जाता है  उसके बाद शिव लिङ्ग की पूजा-अर्चना कर...

भारतीय संस्कृति

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त्योहारों का देश है हमारा,,,,,,, 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🔱🔱श्रावण तीज की शुभकामनाएं,,,,,           भगवान भोलेनाथ की भक्ति और आराधना का महीना है श्रावण मास 🌺🌺         तीज का त्यौहार अपार हर्ष और उल्लास के साथ मनाती हैं महिलाएं 🌿🌿🌿 _____   पुष्कर सहित कई स्थानों पर मन्दिरो में होता है झुलो का आयोजन 🦚🦚 _____    महिलाओं को रहता है लहरिया का चाव  भारतीय संस्कृति मे अनेक  त्यौहार मनाए जाते हैं  इन त्योहारों का ऐतिहासिक महत्व होता है  संस्कृति संरक्षण में विशेष योगदान रहता है  इसलिए भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है  श्रावण मास में  शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन श्रावणी तीज का त्यौहार मनाया जाता है  इस दिन शिव पार्वती का पूजन किया जाता है  सुहागन स्त्रियाँ  पति की दीर्घायु के लिए व्रत करती है वही कुँवारी लड़कीया उत्तम पति की प्राप्ति के लिए व्रत करती है । राजस्थान में उत्साह से मनाया जाता है तीज का त्यौहार  राजस्थान में महिलाएं तीज का त्यौहार अपा...

world tribal day

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Happy world tribal day Modern human civilization has evolved from the tribal form.  According to the scientific point of view, the development of human civilization on earth has taken place from the tribal form. Slowly human started moving in the direction of development. Fire originated. Started using different metals. Started living in the community by building a house. At that time there was neither any religion nor caste system of human beings. Man has come in the era of modern digital technology, continuously moving forward in the direction of development. Along with scientific development, in the development of civilization and culture, religion, caste, country, province got divided. In this period of scientific development, even today some human communities remain in the same early undeveloped form, this community is known as tribal society. Aboriginal community lives in most of the countries of the world They have their own cultural traditions and cu...

सभ्यता और संस्कृति विशेष

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विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं  आधुनिक  मानव सभ्यता  आदिवासी  स्वरूप से  विकसित  हुई  हैं।          वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार पृथ्वी पर मानव सभ्यता का विकास आदिवासी स्वरूप से हुआ है  प्रारम्भिक दौर में मनुष्य  आदिवासी स्वरूप में ही रहता था वन्य जीवों की भाँति जंगलों में प्रकृति के संरक्षण मे रहता था  धीरे धीरे मानव विकास की दिशा में बढने लगा। आग की उत्पत्ति हुई। विभिन्न धातुओ का उपयोग करने लगा। घर बना कर समुदाय में रहना आरंभ किया।  उस समय मानव का ना कोई धर्म था ना कोई जाति व्यवस्था थी  विकास की दिशा में मानव निरंतर आगे बढ़ते हुए आधुनिक डिजिटल तकनीक के दौर में आ गया।  वैज्ञानिक विकास के साथ साथ सभ्यता और संस्कृति के विकास में धर्म, जाति, देश, प्रान्त में बटता गया।    वैज्ञानिक विकास के इस दौर में आज भी कुछ मानव समुदाय उसी प्रारम्भिक अविकसित स्वरूप में ही रहते हैं यह समुदाय आदिवासी समाज के नाम से जाना जाता है  विश्व के अधिकांश  देशों  में आदिवासी  समुदा...

Indian traditional culture

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Greenery is a symbol of prosperity and prosperity Happy Hariyali Amavas In Indian Sanatan culture, all festivals have a unique relationship with nature. In the month of Shravan, when there is greenery in all directions in the rainy season, the festival of Hariyali Amavas is celebrated in Indian Sanatan culture. In the month of Shravan, when there is greenery in all directions in the rainy season, the festival of Hariyali Amavas is celebrated in Indian Sanatan culture. India is an agricultural country, where agriculture has a special contribution in the growth rate. According to the survey report, the share of agriculture in GDP was 17.8 percent in 2019-20, which has increased to 19.9 percent in 2020-21. Agriculture of the country depends on rain, when there is good rain in Shravan, then the crop yield of the farmer is high and it helps in the economic development of the country. Greenery is necessary for the development of the environment and for the protection of nature, i...

भारतीय सनातन संस्कृति

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समृद्धि   और  संपन्नता का प्रतीक है हरियाली  हरियाली अमावस की शुभकामनाएं           भारतीय सनातन संस्कृति मे सभी त्योहारों का प्रकृति से अनुपम सम्बन्ध है      श्रावण मास में जब वर्षा ऋतु में चहुँ दिशा में हरियाली होती है भारतीय सनातन संस्कृति मे हरियाली अमावस का पर्व मनाया जाता है   भारत एक कृषि प्रधान देश है जहाँ की विकास दर में कृषि का विशेष योगदान रहता है  सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 में जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी 17.8 प्रतिशत थी, जो 2020-21 में 19.9 प्रतिशत हो गई है  देश की कृषि बर्षा पर निर्भर करती है जब श्रावण में अच्छी बर्षा होती है तो किसान की फसल की पैदावार अधिक होती है और देश के आर्थिक विकास में सहायक होती है  हरियाली पर्यावरण के विकास एव प्रकृति के संरक्षण के लिए आवश्यक है इसका सम्बन्ध मानव के स्वास्थ्य से होता है   इसलिए हरियाली को समृद्धी और सम्पन्नता का प्रतीक माना जाता है और हरियाली अमावस का पर्व मनाया जाता है      -...