भारतीय संस्कृति

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं 
,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,जय श्रीकृष्ण,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
भारतीय सनातन संस्कृति मे भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री विष्णु जी ने कृष्ण अवतार के रूप में पृथ्वी पर धर्म की स्थापना के लिए अवतरित हुए। 

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म पृथ्वी पर धर्म की स्थापना के साथ साथ प्रेम की स्थापना और महिला की सुरक्षा  के लिए भी अविस्मरणीय है। 
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा मिलती है कि 
- प्रेम अलौकिक और निस्वार्थ होता है। 
- धर्म की स्थापना के लिए नारी की रक्षा करना अनिवार्य होता है। 
- अधर्मी का साथ कभी नहीं देना चाहिए, चाहे वो कितना भी अपना हो।
- मानव को अपना कर्म करते रहना चाहिए, कर्म फल की प्राप्ति अवश्य ही होती हैं। 
- मानव जीवन नश्वर है पंचतत्व से निर्मित शरीर अन्त में पंचतत्व  में विलीन  होता है। 

,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, जय श्री कृष्णा  ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

         ✍  सनत कुमार शर्मा ✍


Comments

Unknown said…
बहुत अच्छा

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