सभ्यता और संस्कृति विशेष

विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं 
आधुनिक  मानव सभ्यता  आदिवासी  स्वरूप से  विकसित  हुई  हैं।
         वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अनुसार पृथ्वी पर मानव सभ्यता का विकास आदिवासी स्वरूप से हुआ है  प्रारम्भिक दौर में मनुष्य  आदिवासी स्वरूप में ही रहता था वन्य जीवों की भाँति जंगलों में प्रकृति के संरक्षण मे रहता था 
धीरे धीरे मानव विकास की दिशा में बढने लगा। आग की उत्पत्ति हुई। विभिन्न धातुओ का उपयोग करने लगा। घर बना कर समुदाय में रहना आरंभ किया। 
उस समय मानव का ना कोई धर्म था ना कोई जाति व्यवस्था थी 
विकास की दिशा में मानव निरंतर आगे बढ़ते हुए आधुनिक डिजिटल तकनीक के दौर में आ गया। 
वैज्ञानिक विकास के साथ साथ सभ्यता और संस्कृति के विकास में धर्म, जाति, देश, प्रान्त में बटता गया।
   वैज्ञानिक विकास के इस दौर में आज भी कुछ मानव समुदाय उसी प्रारम्भिक अविकसित स्वरूप में ही रहते हैं यह समुदाय आदिवासी समाज के नाम से जाना जाता है 
विश्व के अधिकांश  देशों  में आदिवासी  समुदाय रहता है 

इनके अपने अलग ही सास्कृतिक परम्पराएं और रिती रिवाज़ होते हैं। जो पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित होते हैं 
यह समुदाय आर्थिक रूप से बहुत पिछड़े हुए हैं आदिवासी समुदाय को आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक है कि उनकी सरकार मे भागीदारी बढ़ाई जाएँ। 
विश्व स्तरीय संस्थानों को इस समुदाय के उत्थान के लिए कार्य करने की आवश्यकता है 
 
राजस्थान में आदिवासी बाहुल्य है उदयपुर संभाग 
भारत में आदिवासी समुदाय कई प्रान्तो में रहता है 

 राजस्थान के उदयपुर संभाग के उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाडा, प्रतापगढ़ जिले आदिवासी बाहुल्य है इसलिए इस क्षेत्र को टीएसपी क्षेत्र घोषित किया गया है 
इतिहास में आदिवासी  समुदाय का अद्भुत  योगदान  रहा है 
प्राचीन काल से ही आदिवासी समुदाय ने  रियासतों के शासन में योगदान दिया। शासको की सेवा करने में आदिवासी अग्रणी रहे थे 
द्वापर युग में श्री राम के वनवास के समय इसी समुदाय ने उनकी सेवा और सहयोग किया। 

मेवाड़ के महाराणा प्रताप की शक्ति रहा है यह समुदाय।

भाला,तीर कमान है आदिवासी समुदाय के प्रमुख हथियार। 
आधुनिक ओलंपिक खेलों में भाला, तीरंदाजी जैसी प्रतिस्पर्धाए आयोजित होती है यह आदिवासी समुदाय के प्रमुख हथियार है आज भी। 
इस अद्भुत समुदाय को जानने के लिए आवश्यक है कि विश्व आदिवासी दिवस पर इनके संदर्भ में विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जाएँ। 

--सनत कुमार शर्मा 
अध्यापक 
राबाउप्रावि  सालेराकला 
उदयपुर  राजस्थान 🙏


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