भारतीय संस्कृति

नाग पंचमी की शुभकामनाएं ,,,,,
कालसर्प दोष निवारण के लिए उत्तम दिन है 
श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है 
भगवान भोलेनाथ के गले की माला होता है नाग। इसलिए नाग को भोलेनाथ के प्रतीक के रूप में माना जाता है 
हिन्दू संस्कृति मे नाग की पूजा-अर्चना की जाती है। 
नाग पंचमी को विशेष रूप से नाग का पूजन किया जाता है 
कालसर्प दोष निवारण के लिए उत्तम दिन है 
किसी भी जातक की जन्म कुंडली में जब राहू और केतु के मध्य में  सभी ग्रह  उपस्थित  होने पर कालसर्प  दोष माना जाता है 
माना जाता है कि इस दोष के निवारण के लिए  जातक को विशेष  पूजा-अर्चना  करानी होती हैं। 
त्रिवेणी संगम या किसी बहते हुए जल के  किनारे जहाँ शिव लिङ्ग स्थित होता है  वही इस दोष के निवारण के लिए उत्तम स्थान माना जाता है 
इस दोष के निवारण के लिए जातक को ऐसे स्थान पर  जाकर  अपनें  पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिण्डदान किया जाता है  उसके बाद शिव लिङ्ग की पूजा-अर्चना कर हवन किया जाता है। 
माना जाता है कि इस दोष के निवारण नहीं करने पर जातक के जीवन में पैंतालीस वर्ष की आयु तक विभिन्न बाधाएं समस्याएं आती हैं। इसलिए नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष निवारण करवाना उत्तम उपाय है। 
✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒

✍सनत कुमार शर्मा ✍

 

Comments

Popular posts from this blog

सलेरा कला का इतिहास

भोले के चमत्कार

भारतीय संस्कृति