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Showing posts from August, 2025

महर्षि दधीचि जयंती और राधा अष्टमी की शुभकामनाएं

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ऋषि दधीचि हिंदू धर्म में एक प्राचीन, गुणी और अत्यधिक आध्यात्मिक ऋषि थे , जो अपने सर्वोच्च बलिदान के लिए प्रसिद्ध थे: उन्होंने वज्र बनाने के लिए अपनी हड्डियाँ दान कर दीं, जो एक शक्तिशाली वज्र हथियार था जिसका उपयोग इंद्र ने राक्षस वृत्र को हराने के लिए किया था । वह अपनी दयालुता, उदारता और गहन आध्यात्मिक ज्ञान के लिए जाने जाते हैं, उनका आश्रम गंगा नदी के पास स्थित है।   ऋषि दधीचि की कहानी के मुख्य पहलू: महान बलिदान: आवश्यकता के समय देवताओं ने अपने हथियारों की सुरक्षा के लिए दधीचि से संपर्क किया, जिन्हें उन्होंने तब तक सुरक्षित रखा जब तक कि राक्षसों को उनका स्थान पता नहीं चल गया। राक्षसों द्वारा हथियारों का उपयोग करने से रोकने के लिए, दधीचि ने मंत्रों के साथ उन्हें पानी में बदल दिया और उसे पी लिया, जिससे वे अदृश्य हो गए। जब देवता अपने हथियार लेने वापस लौटे, तो उन्होंने उनसे कहा कि उनकी हड्डियों का उपयोग उनके पुनः निर्माण के लिए किया जा सकता है, जिसके परिणामस्वरूप वज्र का निर्माण हुआ।   आध्यात्मिक ज्ञान: वे मधु विद्या नामक वैदिक अनुष्ठान के आचार्य थे और...

बुध का सिंह राशि में गोचर

जैसे कि हम जानते हैं कि हर ग्रह एक निश्चित समय तक एक राशि में रहता है और उसके बाद दूसरी राशि में गोचर कर जाता है। इसी क्रम में, बुध भी अपनी राशि में बदलाव करने जा रहे हैं जो न सिर्फ़ मनुष्य जीवन को प्रभावित करेंगे, बल्कि देश-दुनिया के साथ-साथ शेयर मार्केट पर भी अपना प्रभाव डालेंगे। ऐसे में, कुछ राशियों को यह गोचर अच्छे और कुछ को बुरे परिणाम दे सकता है। वहीं, कुछ जातकों के लिए बुध का गोचर भाग्यशाली साबित होगा। तो आइए बिना देर किए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि कौन सी हैं वह राशियां? लेकिन उससे पहल नज़र डाल लेते हैं बुध का सिंह राशि में गोचर के समय और तिथि पर।  ऐसे जातक जिनकी कुंडली में बुध देव की स्थिति मज़बूत होती है, उन्हें तेज़ दिमाग के साथ-साथ ज्ञान और बेहतरीन तार्किक क्षमता का आशीर्वाद देते हैं। साथ ही, इनकी रुचि साहित्य, विज्ञान और गणित में होती है। हम सभी जानते हैं कि बुध वाणी और संचार कौशल का ग्रह है, इसलिए इसका सीधा असर आपके वाणी, संचार कौशल और लेखन पर भी पड़ता है।  दूसरी तरफ, बुध देव के शुभ होने पर जातक अच्छा वक्ता, संचारक और लेखक बनता है।  इसके अलावा, बुध व...

राष्ट्रीय खेल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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राष्ट्रीय खेल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं  ख ेल मानव स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है बच्चों के सर्वागीण विकास में खेल का विशेष महत्व होता है  खेल से शारीरिक और मानसिक दोनों ही विकास करता है जहाँ मैदान में खेलें जाने वाले खेल शारीरिक विकास करते हैं वही एक स्थान पर बैठे हुए खेले जाने वाले खेल मानसिक विकास करते हैं।  अनुशासन एव संस्कारों के लिए आवश्यक है खेल   खेल से अनुशासन का विकास होता है। खेल से संस्कारों  का विकास होता है खेल से टीम भावना एवं एक दूसरे के सहयोग की भावना का विकास होता है। खेल से संयम और अनुशासन सिखाया जाता है। खेल से लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आत्मनियन्त्रण विकसित होता है  स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का विकास होता है  मानव का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है स्वस्थ शरीर होने पर मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है शारीरिक रूप से स्वस्थ होने के लिए शारीरिक परिश्रम आवश्यक है जो खेल से आसान रूप से होती है।  जब शारीरिक विकास अच्छा होता है तो मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।  खेल राष्ट्रीय प्रेम की भावना का विक...

कल का राशि फल

चन्द्रराशिः मेष का राशिफल  राशिफल (29 अगस्त, 2025) आज आपका आत्मविश्वास और ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। जिसके साथ आप रहते हैं, उससे वाद-विवाद करने से बचें। यदि कोई समस्या है, तो उसे शान्ति से बातचीत करके सुलझाएँ। अचानक मिला कोई सुखद संदेश नींद में आपको मीठे सपने देगा। बड़े व्यापारिक लेन-देन करते वक़्त अपनी भावनाओं पर क़ाबू रखें। खाली समय में आज आप अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरीज देख सकते हैं। आप अपने जीवन की कुछ यादगार शामों में से एक आज अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैंं। भाग्यांक: 2 

आस्था और विश्वास का केंद्र रेडियो का देवता

अजमेर जिला के kekri उपखंड के गाव mevada khurd में स्थित रेडियो का देव जी  का मंदिर जहां पर सभी देवता की पूजा करने के लिए उत्तम स्थान है  जहाँ पंचमुखी हनुमान, शनि देव,  शिव परिवार सहित मुख्य देव श्री देवनारायण की पूजा की जाती है  यहां पर यज्ञ के आयोजन पर अखिल भारतीय कुस्ती के दंगल का आयोजन भी किया जाता है यहां देवनारायण के पुजारी गुर्जर भोपा नाम से जाने जाते हैं  Sanat Kumar Sharma 

भोले के चमत्कार

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दिन मे तीन बार रंग बदलता है खेड़ी शंकर शिव लिङ्ग      भारतीय सनातन संस्कृति मे अनेकौ अलौकिक चमत्कार देखने को मिलते है  ऐसा ही एक चमत्कार राजस्थान के अजमेर जिले मे केकडी के समीप खेडी शंकर मे स्थित शिव लिङ्ग मे देखने को मिलता है । यह शिव लिङ्ग एक दिन में चमत्कारिक रूप से स्वतः तीन बार रंग बदलता है । यह शिव लिङ्ग प्रातः श्वेत दोपहर में पीत और शाम को नीला वर्ण का हो जाता है । यह स्थान जन आस्था एव मनोकामना पूर्ण करने का केंद्र है               - सनत कुमार शर्मा 🙏

गणेश उत्सव

श्री गणेश चतुर्थी व्रत की पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान शिव तथा माता पार्वती नर्मदा नदी के किनारे बैठे थे। वहां माता पार्वती ने भगवान शिव से समय व्यतीत करने के लिए चौपड़ खेलने को कहा। शिव चौपड़ खेलने के लिए तैयार हो गए, परंतु इस खेल में हार-जीत का फैसला कौन करेगा, यह प्रश्न उनके समक्ष उठा तो भगवान शिव ने कुछ तिनके एकत्रित कर उसका एक पुतला बनाकर उसकी प्राण-प्रतिष्ठा कर दी और पुतले से कहा- 'बेटा, हम चौपड़ खेलना चाहते हैं, परंतु हमारी हार-जीत का फैसला करने वाला कोई नहीं है इसीलिए तुम बताना कि हम दोनों में से कौन हारा और कौन जीता?'    उसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती का चौपड़ खेल शुरू हो गया। यह खेल 3 बार खेला गया और संयोग से तीनों बार माता पार्वती ही जीत गईं। खेल समाप्त होने के बाद बालक से हार-जीत का फैसला करने के लिए कहा गया, तो उस बालक ने महादेव को विजयी बताया।    यह सुनकर माता पार्वती क्रोधित हो गईं और क्रोध में उन्होंने बालक को लंगड़ा होने, कीचड़ में पड़े रहने का श्राप दे दिया। बालक ने माता पार्वती से माफी मांगी और कहा कि यह मुझसे अज्ञानतावश ऐसा हुआ है, मैंने...

हमारा विद्यालय

*हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान*              *गीत*  विद्यालय स्वाभिमान हमारा हमको प्राणों से प्यारा है। इसका मान ना घटने देंगे  दृढ संकल्प हमारा है॥            अनुशासन सद्भाव बढ़ाकर  आओ करें कुछ उत्तम काम हरा-भरा रमणीक बनाकर इसे बनाएं तीरथ धाम संस्कार का सागर हो यह      बहे ज्ञान की धाराएं     इसका मान ना घटने देंगे     दृढ संकल्प हमारा है॥1॥            राष्ट्रदेव के बने पुजारी  हम व्यक्ति निर्माण करें सुप्त पड़ी जो रक्त शिराएं  आओ उनमे प्राण भरें     राष्ट्र के हित में हो शिक्षा     पावन लक्ष्य हमारा है     इसका मान ना घटने देंगे     दृढ संकल्प हमारा है॥2॥            पत्थर मिट्टी का भवन नही इसमें जीवन पलता है विद्यालय निर्जीव नही इसमे मानव ढलता है आशीर्वाद मिला गुरूजन का   यह सौभाग्य हमारा है   इसका मान ना घटने देंगे   दृढ संकल्प हमारा है॥3॥  ...

भारतीय संस्कृति

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गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं 10 दिन चलने वाले गणेश उत्सव का आज होगा आगाज भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है गणेश उत्सव 10 दिन तक मनाया जाता है यह उत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से प्रारंभ होकर भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तक चलता है भगवान गणेश को सभी देवताओं में प्रथम पूज्य माना जाता है । भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ से पहले गणेश पूजन किया जाता है भगवान श्री गणेश जी को मांगलिक कार्यों का देवता माना जाता है कोई भी मांगलिक कार्य भगवान श्री गणेश जी की पूजा के बिना प्रारंभ नहीं होते हैं किसी भी कार्य की सफलता के लिए कार्य प्रारंभ से पूर्व से गणेश पूजन किया जाता है इसीलिए ने विघ्नहर्ता भी कहा जाता है श्री गणेश जी भगवान शिव एवं माता पार्वती के छोटे पुत्र हैं इन की दो पत्नियां हैं जिनका नाम रिद्धि और सिद्धि है लाभ और  शुभ इनके दो पुत्र हैं। गणेश चतुर्थी के दिन पंडाल बना कर उनकी प्रतिमा स्थापित की जाती है 10 दिन तक इनकी पूजा अर्चना की जाती है इसके पश्चात भाद्रपद  शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को इस प्रतिमा का धूमधाम से विसर्जन क...

राजस्थान की संस्कृति

प्राचीन समय में राजस्थान में आदिवासी कबीलों का शासन था। 2500 ईसा पूर्व से पहले राजस्थान बसा हुआ था और उत्तरी राजस्थान में सिंधु घाटी सभ्यता की नींव रखी थी। भील और मीना जनजाति इस क्षेत्र में रहने के लिए सबसे पहले आए थे। संसार के प्राचीनतम साहित्य में अपना स्थान रखने वाले आर्यों के धर्मग्रंथ ऋग्वेद में मत्स्य जनपद का उल्लेख आया है, जो कि वर्तमान राजस्थान के स्थान पर अवस्थित था। महाभारत कथा में भी मत्स्य नरेश विराट का उल्लेख आता है, जहाँ पांडवों ने अज्ञातवास बिताया था। करीब 13 वी शताब्दी के पूर्व तक पूर्वी राजस्थान और हाड़ौती पर मीणा तथा दक्षिण राजस्थान पर भील राजाओं का शासन था [10] उसके बाद मध्यकाल में राजपूत जाति के विभिन्न वंशों ने इस राज्य के विविध भागों पर अपना BANAYA, तो उन भागों का नामकरण अपने-अपने वंश, क्षेत्र की प्रमुख बोली अथवा स्थान के अनुरूप कर दिया। ये राज्य थे- चित्तौडगढ, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, जोधपुर, बीकानेर, किशनगढ़, (जालोर) सिरोही, कोटा, बूंदी, जयपुर, अलवर, करौली, झालावाड़ , मेरवाड़ा और टोंक(मुस्लिम पिण्डारी) राजा महाराणा प्रतापऔर महाराणा सांगा,महाराजा स...

गणेश चतुर्थी विशेष

रणथंभौर गणेश मंदिर का इतिहास रणथंभौर किले के समय से जुड़ा है और यह भगवान गणेश को समर्पित है, जिनके तीन नेत्र हैं। एक मान्यता के अनुसार, महाराजा हम्मीर देव को राजा अलाउद्दीन खिलजी के साथ हुए युद्ध के दौरान गणेश जी ने सपने में दर्शन दिए थे, जिसके बाद उन्हें स्वयंभू गणेश जी की प्रतिमा मिली और उन्होंने मंदिर का निर्माण करवाया। दूसरी मान्यताओं के अनुसार, यह प्रतिमा त्रेतायुग में भगवान राम के समय से स्थापित थी और कृष्ण ने स्वयं रुक्मणी से विवाह के समय उन्हें रणथंभौर में ही मनाया था।   मुख्य मान्यताएँ और इतिहास स्वयंभू प्रतिमा: रणथंभौर के त्रिनेत्र गणेश जी की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई मानी जाती है, जिसे भारत के पहले स्वयंभू गणेश अवतारों में से एक माना जाता है।  हम्मीर देव और अलाउद्दीन खिलजी का युद्ध: 1299-1301 ईस्वी में जब रणथंभौर के किले में अलाउद्दीन खिलजी ने घेरा डाला और राशन खत्म होने लगा, तब महाराजा हम्मीर देव के सपने में गणेश जी ने दर्शन दिए। इसके बाद उन्हें स्वयंभू प्रतिमा मिली और उन्होंने मंदिर का निर्माण कराया, जिससे युद्ध समाप्त हुआ।  भारत का प्रथम गणेश: यह भी माना जाता ...

ज्योतिष शास्त्र

आज का राशि फल 26/8/2025 1 मेष  × चन्द्रराशिः मेष का राशिफल× राशिफल (26 अगस्त, 2025) दोस्त या सहकर्मी का स्वार्थी बर्ताव आपका मानसिक सुकून ख़त्म कर सकता है। आज घर से बाहर बड़ों का आशीर्वाद लेकर निकलें इससे आपको धन लाभ हो सकता है। घर में रस्म-रिवाज़ आदि होगा। आज के इस ख़बसूरत दिन प्रेम-संबंध में आपकी सभी शिकायतें ग़ायब हो जाएंगी। आपमें बहुत-कुछ हासिल करने की क्षमता है- इसलिए अपने रास्ते में आने वाले सभी मौक़ों को झट-से दबोच लें। भरपूर रचनात्मकता और उत्साह आपको एक और फ़ायदेमंद दिन की ओर ले जाएंगे। आज के दिन आपका वैवाहिक जीवन एक ख़ूबसूरत बदलाव से गुज़रेगा। भाग्यांक: 4  2 वृष  ×चन्द्रराशिः वृष का राशिफल×  राशिफल (26 अगस्त, 2025) आज आप उम्मीदों की जादुई दुनिया में हैं। कोई बेहतरीन नया विचार आपको आर्थिक तौर पर फ़ायदा दिलायेगा। अपने बच्चों को अपने उदार बर्ताव का बेजा फ़ायदा न उठाने दें। फूल देकर अपने प्यार का इज़हार करें। अपने काम में तेज़ी लाने के लिए आप तकनीक से जुड़ी चीज़ों में निवेश कर सकते हैं। इस राशि के छात्र-छात्राएं आज अपने कीमती समय का दुरुपयोग कर सकते हैं। आप मोबाइल या टीवी...

indian culture

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रामदेव जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं  राजस्थान के प्रसिद्ध लोक देवता श्री रामदेव जी महाराज की जयंती भाद्र शुक्ल पक्ष दूज को मनाई जाती है इन्हें रामसा पीर रामापीर आदि नामों से जाना जाता है इन्हें गायों के रक्षक देवता के रूप में जाना जाता है गायों की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी थी इसे लेने गौ रक्षक देवता माना जाता है उनका मुख्य मंदिर राजस्थान के जैसलमेर जिले में रामदेवरा नामक स्थान पर है जहां हर वर्ष भाद्र शुक्ल पक्ष द्वितीया को मेला भरता है इसमें गुजरात और राजस्थान के लाखों श्रद्धालु आते हैं रामदेवरा में उनकी समाधि है जान के पद चिन्हों की पूजा की जाती है ✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒✒                 ✍सनत शर्मा ✍

ज्योतिष सिखों

ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का समावेश होता है  मेष  वृषभ  मिथुन  कर्क  सिंह  कन्या  तुला  वृश्चिक  धनु  मकर  कुम्भ  मीन