भारतीय संस्कृति

गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं

10 दिन चलने वाले गणेश उत्सव का आज होगा आगाज

भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है
गणेश उत्सव 10 दिन तक मनाया जाता है
यह उत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से प्रारंभ होकर भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तक चलता है
भगवान गणेश को सभी देवताओं में प्रथम पूज्य माना जाता है ।
भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ से पहले गणेश पूजन किया जाता है भगवान श्री गणेश जी को मांगलिक कार्यों का देवता माना जाता है कोई भी मांगलिक कार्य भगवान श्री गणेश जी की पूजा के बिना प्रारंभ नहीं होते हैं किसी भी कार्य की सफलता के लिए कार्य प्रारंभ से पूर्व से गणेश पूजन किया जाता है इसीलिए ने विघ्नहर्ता भी कहा जाता है
श्री गणेश जी भगवान शिव एवं माता पार्वती के छोटे पुत्र हैं इन की दो पत्नियां हैं जिनका नाम रिद्धि और सिद्धि है लाभ और  शुभ इनके दो पुत्र हैं।
गणेश चतुर्थी के दिन पंडाल बना कर उनकी प्रतिमा स्थापित की जाती है 10 दिन तक इनकी पूजा अर्चना की जाती है इसके पश्चात भाद्रपद  शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को इस प्रतिमा का धूमधाम से विसर्जन किया जाता है
इनका सिर्फ कज्का होने के कारण इन्हें गजानंद भी कहा जाता है उनके 12 नामों से जाना जाता है। 

  1.  सुमुख
  2. एकदंत,
  3. कपिल,
  4. गजकर्ण,
  5. लंबोदर,
  6.  विकट,
  7. विघ्नविनाशक,
  8. विनायक,
  9.  धूम्रकेतु,
  10. गणाध्यक्ष,
  11. भालचन्द्र,
  12.  गजानन
भगवान श्री गणेश की सवारी मूषक है उनका प्रिय भोजन मोदक है इनका वार बुधवार माना जाता है
विवाह आदि मांगलिक कार्य की शुरुआत गणेश पूजन से की जाती है कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद गणेश विसर्जन किया जाता है उनका प्रतीक चिन्ह स्वास्तिक है जो चारों दिशाओं में प्रगति का सूचक है

गणेश चतुर्थी की अनंत को शुभकामनाओं सहित-
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                ✍सनत शर्मा ✍

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