रामस्नेही रामद्वारा शाहपुरा – अन्तरराष्ट्रीय परिवार
🌸 रामस्नेही रामद्वारा शाहपुरा – अन्तरराष्ट्रीय परिवार 🌸
✍️ रचनाकार – Sanat Sharma
शाहपुरा की पावन धरती, जहाँ गूँजे राम का नाम,
रामस्नेही रामद्वारा है, जग में अनुपम धाम।
भक्ति की धारा बहती यहाँ, प्रेम से सरिता सी,
संतजन जग को दिखलाते, सच्ची मानवता सी॥
दूर-दूर से आते श्रद्धालु, लेकर मन में आस,
रामद्वारा की चौखट पर सबको मिलता विश्वास।
यहाँ न कोई भेदभाव है, न कोई ऊँच-नीच,
समान भाव से मिलता सबको, प्रेम अमृत रस मीच॥
अन्तरराष्ट्रीय परिवार बना है, रामस्नेही की छाँव,
विदेशों तक पहुँचा इसका मधुर और पावन ठाँव।
लंदन, दुबई, अमेरिका तक, राम नाम गूँजता है,
हर दिल में यह संदेश अमर – "राम प्रेम ही सच्चा है॥"
शाहपुरा की गलियों में जब, गूँजे राम भजन,
तोतनियाँ, नगाड़े बजें, सज जाए हर आँगन।
रामद्वारा की आरती का दृश्य बड़ा अलभ्य,
जग के कोने-कोने तक पहुँचे इसका संदेश प्रभ्य॥
यहाँ की साधना अनोखी, सरल भक्ति का भाव,
हर मानव में दिखता सबको, राम स्वरूप का छाव।
ना पाखंड, ना दिखावा, ना कोई बड़ा अहंकार,
सिर्फ सादगी और स्नेह यहाँ, यही है सच्चा संस्कार॥
रामस्नेही संतजन कहते – "राम नाम है सत्य",
संसार का सबसे पावन, सबसे ऊँचा रत्न।
रामद्वारा से उठकर संदेश, मानवता जग में छाए,
प्रेम, शांति और भाईचारा, हर दिल में बस जाए॥
शाहपुरा का यह धाम अमर है, युगों-युगों तक जीवित,
Sanat Sharma गाता रहता, राम नाम में तल्लीनित।
रामस्नेही परम्परा अमर रहे, हर हृदय में उजियारा,
जय श्रीराम, जय श्रीराम, गूँजे जग सारा॥
---sanat sharma
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