राजस्थान की भौतिक विशेषताएँ
राजस्थान की भौतिक विशेषताएँ
राजस्थान भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे
बड़ा राज्य है। यहाँ की भौतिक संरचना अत्यंत विविध और विशिष्ट है। मरुस्थल, पर्वतमाला,
पठार, मैदान और सीमित नदियाँ इसकी भौगोलिक पहचान हैं। नीचे बिंदुवार राजस्थान की भौतिक
विशेषताएँ प्रस्तुत हैं।
1. मरुस्थलीय क्षेत्र (थार मरुस्थल)
- राजस्थान का लगभग 60% भाग थार मरुस्थल में स्थित
है।
- यह पश्चिमी राजस्थान में फैला है।
- प्रमुख जिले: जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर।
- यहाँ रेत के विशाल टीले, कम वर्षा और अत्यधिक गर्म जलवायु पाई जाती है।
2. अरावली पर्वतमाला
- अरावली भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमाला है।
- यह उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में फैली हुई है।
- सर्वोच्च शिखर: गुरु शिखर (माउंट आबू)।
- यह राजस्थान को दो भागों में बाँटती है।
- अरावली पर्वतमाला का प्रभाव यहाँ की जलवायु और वनस्पति पर भी पड़ता है।
3. मैदान और पठार
- अरावली के पूर्वी भाग में मैदान और पठारी क्षेत्र
पाए जाते हैं।
- प्रमुख मैदान: बनास नदी का मैदान, चंबल बेसिन।
- प्रमुख पठार: दक्षिण-पूर्वी राजस्थान।
- इन क्षेत्रों की मिट्टी अपेक्षाकृत उपजाऊ है और सिंचाई की सुविधा के कारण कृषि संभव
है।
4. नदियाँ और जल स्रोत
- राजस्थान में स्थायी नदियाँ बहुत कम हैं।
- प्रमुख नदियाँ: चंबल, बनास, माही।
- पश्चिमी राजस्थान में इंदिरा गाँधी नहर (IGNP) जीवनरेखा का कार्य करती है।
- इस नहर ने मरुस्थलीय क्षेत्र में हरियाली और कृषि की संभावनाएँ बढ़ाई हैं।
5. जलवायु
- राजस्थान की जलवायु शुष्क और अर्ध-शुष्क है।
- गर्मियाँ: अत्यधिक गर्म।
- सर्दियाँ: ठंडी।
- वर्षा: सामान्यतः कम, विशेषकर पश्चिमी भाग में।
6. प्राकृतिक वनस्पति
- पश्चिमी राजस्थान में मरुस्थलीय वनस्पति जैसे
कैक्टस और झाड़ियाँ।
- अरावली और दक्षिणी राजस्थान में हरे-भरे जंगल।
- वनस्पति का वितरण वर्षा और भौगोलिक स्थिति पर निर्भर करता है।
निष्कर्ष
राजस्थान की भौतिक विशेषताएँ इसे अनोखा और विशिष्ट
बनाती हैं। थार मरुस्थल, अरावली पर्वतमाला, उपजाऊ मैदान, सीमित नदियाँ और शुष्क जलवायु
मिलकर राजस्थान की भौगोलिक पहचान को निर्धारित करते हैं। यही विशेषताएँ यहाँ की जीवनशैली,
खेती और संस्कृति को प्रभावित करती हैं।
✍️ लेखन: Sanat Sharma
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