राष्ट्रहित में शिक्षा,

नई जानकारी राष्ट्रहित में शिक्षा, शिक्षा हित में शिक्षक,
शिक्षक हित में समाज, यही है जीवन का लक्ष्य।

ज्ञान का दीप जले, हर घर में उजियारा हो,
अज्ञान का तिमिर मिटे, हर मन में सहारा हो।
शिक्षा की किरणें जब हर दिशा में फैलेंगी,
तब राष्ट्र की नींव सच में मजबूत बनेंगी।

शिक्षा ही वो नींव है, जिस पर राष्ट्र खड़ा है,
बिना इसके हर सपना अधूरा पड़ा है।
शिक्षक ही वो माली है, जो इसे सींचता है,
अपने ज्ञान से हर शिष्य को नया जीवन देता है।

जब शिक्षक का मान बढ़ेगा, समाज सुधरेगा,
उसके सम्मान में ही, राष्ट्र आगे बढ़ेगा।
शिक्षक को जब मिलेगा वो स्थान जो वो चाहे,
वो भी हर शिष्य के लिए एक नई राह बनाए।

इसलिए आओ, हम सब मिलकर ये प्रण उठाएं,
शिक्षा, शिक्षक और समाज को एक सूत्र में पिरोएं।
राष्ट्र का हित शिक्षा में, शिक्षा का हित शिक्षक में,
और शिक्षक का हित समाज में, ये ही है जीवन का मर्म।

यही है वो त्रिवेणी, जो जीवन को सजाती है,
यही है वो शक्ति, जो राष्ट्र को उन्नति दिलाती है।

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