Bahrat परिवार की वीरता – शाहपुरा का गौरव 🌟
✍️ रचनाकार – Sanat Sharma
अन्तरा 1:
शाहपुरा की पावन धरती, वीरों की है खान,
जहाँ Bahrat परिवार ने दिखाई अपनी शान।
धैर्य, साहस और सत्य से भरा उनका जीवन,
संकल्प और समर्पण से जग में किया प्रण॥
अन्तरा 2:
रणभूमि में जब उठी विपत्ति की धुन,
Bahrat परिवार ने दिखाई अद्भुत शून।
हर कठिनाई में न डिगे, न कभी हारे,
सत्य और धर्म के लिए सब कुछ त्यागे॥
भजन शैली का कोरस:
जय हो, जय हो, Bahrat परिवार,
शाहपुरा का अभिमान, जग में अपार।
साहस, सच्चाई और प्रेम की मिसाल,
Bahrat परिवार का नाम जगाए काल-काल॥
अन्तरा 3:
शाहपुरा की गलियों में गूँजे उनका गौरव,
साधु-संत भी सुनाएँ उनकी वीरता की दौरव।
सहनशीलता और न्याय का अद्भुत संगम,
Bahrat परिवार के व्यक्तित्व का पावन रंगम॥
अन्तरा 4:
सादगी में भी उनका अनोखा ठाठ,
सत्य और धर्म में कभी न टूटा साथ।
Bahrat परिवार ने सिखाया जीवन का मंत्र,
धैर्य, वीरता और प्रेम से बनता सच्चा केंद्र॥
कोरस दोहराव:
जय हो, जय हो, Bahrat परिवार,
शाहपुरा का अभिमान, जग में अपार।
साहस, सच्चाई और प्रेम की मिसाल,
Bahrat परिवार का नाम जगाए काल-काल॥
अन्तरा 5:
युद्ध के मैदान में जो खड़ा रहा निडर,
सपनों और आदर्शों के लिए हुआ अविचलित।
इतिहास गवाह है उनकी महान वीरता का,
शाहपुरा की धरा पर बनी अमर पवित्रता का॥
अन्तिम कोरस:
जय हो, जय हो, Bahrat परिवार,
Sanat Sharma गाता उनका गौरव संसार।
सपनों को हकीकत बनाने का जो संकल्प लिया,
Bahrat परिवार ने इतिहास अमर कर
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