सलेरा कला का इतिहास : महाराणा प्रताप और शक्तिसिंह का शिकार प्रसंग सलेरा कला का इतिहास : महाराणा प्रताप और शक्तिसिंह का शिकार प्रसंग | Mewar History सलेरा कला राजस्थान का वह स्थान है जहाँ महाराणा प्रताप और शक्तिसिंह में शिकार को लेकर विवाद हुआ। पढ़ें इस ऐतिहासिक प्रसंग की पूरी कथा। सलेरा कला का इतिहास, महाराणा प्रताप और शक्तिसिंह, सलेरा कला शिकार प्रसंग, हल्दीघाटी युद्ध, मेवाड़ का इतिहास, Salera Kala History प्रस्तावना राजस्थान की वीर भूमि मेवाड़ का हर कोना किसी न किसी ऐतिहासिक घटना का साक्षी है। सलेरा कला (उदयपुर, मावली तहसील) वही स्थान है जहाँ महान योद्धा महाराणा प्रताप और उनके छोटे भाई शक्तिसिंह के बीच एक शिकार को लेकर विवाद हुआ था। यह घटना केवल मनमुटाव की कहानी नहीं है, बल्कि भाईचारे और त्याग की अमर मिसाल भी है। शिकार का प्रसंग : कहाँ हुआ विवाद? महाराणा प्रताप और शक्तिसिंह एक दिन शिकार के लिए जंगल में निकले। अचानक एक जंगली जानवर (नीलगाय/सांभर) सामने आया। प्रताप ने अपने अस्त्र से वार किया, उसी क्षण शक्तिसिंह ने भी हमला किया। जानवर प्रताप के वार से गिर पड...
दिन मे तीन बार रंग बदलता है खेड़ी शंकर शिव लिङ्ग भारतीय सनातन संस्कृति मे अनेकौ अलौकिक चमत्कार देखने को मिलते है ऐसा ही एक चमत्कार राजस्थान के अजमेर जिले मे केकडी के समीप खेडी शंकर मे स्थित शिव लिङ्ग मे देखने को मिलता है । यह शिव लिङ्ग एक दिन में चमत्कारिक रूप से स्वतः तीन बार रंग बदलता है । यह शिव लिङ्ग प्रातः श्वेत दोपहर में पीत और शाम को नीला वर्ण का हो जाता है । यह स्थान जन आस्था एव मनोकामना पूर्ण करने का केंद्र है - सनत कुमार शर्मा 🙏
गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं 10 दिन चलने वाले गणेश उत्सव का आज होगा आगाज भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है गणेश उत्सव 10 दिन तक मनाया जाता है यह उत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी से प्रारंभ होकर भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तक चलता है भगवान गणेश को सभी देवताओं में प्रथम पूज्य माना जाता है । भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ से पहले गणेश पूजन किया जाता है भगवान श्री गणेश जी को मांगलिक कार्यों का देवता माना जाता है कोई भी मांगलिक कार्य भगवान श्री गणेश जी की पूजा के बिना प्रारंभ नहीं होते हैं किसी भी कार्य की सफलता के लिए कार्य प्रारंभ से पूर्व से गणेश पूजन किया जाता है इसीलिए ने विघ्नहर्ता भी कहा जाता है श्री गणेश जी भगवान शिव एवं माता पार्वती के छोटे पुत्र हैं इन की दो पत्नियां हैं जिनका नाम रिद्धि और सिद्धि है लाभ और शुभ इनके दो पुत्र हैं। गणेश चतुर्थी के दिन पंडाल बना कर उनकी प्रतिमा स्थापित की जाती है 10 दिन तक इनकी पूजा अर्चना की जाती है इसके पश्चात भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को इस प्रतिमा का धूमधाम से विसर्जन क...
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